इंसान शैतान दिख रहा है

आज अँधेरा है क्योंकि इंसान सो रहा है
पैसा बोल रहा  है,  विश्वास डोल रहा है
दिमाग चल रहा है , दिल मर रहा है
कुछ पाने की कोशिश में सब खो रहा है
मन  बिक रहा है तन बिक रहा है
चित्र दीवारों पे हैं , चरित्र बिक रहा है
आज इंसान इंसान नहीं शैतान दिख रहा है

गुनाहों की सज़ा

मेरे गुनाहों की सज़ा बस मुझे देना ऐ खुदा
मेरे अपनों को रखना मेरी मुकम्मल सजाओं से जुदा
झोली फैला के मांग रहा है तेरा बन्दा तुझसे दुआ
मेरे अपनों को रखना मुश्किलों से जुदा
मेरी आँखों से अश्क बन के मेरे गुनाहों को बह जाने दे
मुझे भी थोडा सा तू तुझको अपना ने दे

ज़िन्दगी की कहानी

कुछ लोग मरने के लिए जीए जाते हैं 
तो कुछ लोग जीने के लिए मरे जाते हैं 
 कुछ लोग जी जी के मरे जाते हैं
तो कुछ लोग मर मर के जीए जाते हैं .
किसी शायर ने ठीक कहा है की यही है ज़िन्दगी और यही है ज़िन्दगी की कहानी
 थोडा सा बादल है और थोडा सा  पानी.

बच्चों का दिल

मै अपनी ४ साल की बिटिया के साथ खेलता हूँ
 तो मन करता है की मै भी बच्चा हो जाऊं.
वो हस्ती है हसाती है गुस्सा हो जाओ तो प्यार से मनाती है,
ज़िद्द तो कभी कभी चाँद की भी कर जाती है
मगर एक छोटा सा खिलौना पाकर चाँद को भी भूल जाती है.
 मेरी डांट से रोने लगती है लड़ती है मगर पल भर में फिर मेरे साथ खेलने के लिए मेरे पास आ जाती है,.
कहती है की मस्जिद में भगवान् रहते हैं
उसको ये नहीं पता की दीवारों से भी भगवान् बटे हैं
ऐसा क्यों नहीं होता की हमारी सोच भी इन बच्चों की तरह ही हो जाए
लडें लेकिन फिर पल भर में दोस्त बन जाएं

हैरान भगवान्

भगवान् भी यह देख के हैरान हो गया,
 इंसान भगवान् का भगवान् हो गया
तै करने लगे इंसान भगवान् का घर
भगवान् तो समझ लो बेजुबां हो गया
.कहते हैं भगवान् दिलों में रहता है
लेकिन दिल तो हम सब का कब्रिस्तान हो गया
कचहरी में भी भगवान् पेश हो गया
भगवान् तो बदनाम सरे आम हो गया
 भगवान् भी यह देख के हैरान हो गया
 इंसान भगवान् का भगवान् हो गया

हैरान भगवान्

भगवान् भी यह देख के हैरान हो गया,
इंसान भगवान् का भगवान् हो गया
 तै करने लगे इंसान भगवान् का घर ,
 भगवान् तो समझ लो बेजुबां हो गया .
कहते हैं भगवान् दिलों में रहता है लेकिन
 दिल तो हम सब का कब्रिस्तान हो गया
कचहरी में भी भगवान् पेश हो गया,
भगवान् तो बदनाम सरे आम हो गया
भगवान् भी यह देख के हैरान हो गया,
 इंसान भगवान् का भगवान् हो गया

maa , paa se door

 दिल एक सागर है आज यह ख़याल तब आया ,
जब आँखों ने उन्हें ढूँढा पर अपने पास ना पाया
कल तक माँ और पा मेरे पास थे
मगर आज सिर्फ उनके साथ बिताई हुई कुछ यादें मेरे साथ हैं
काश में बीते हुए दिनों को संजो के रख पाता,
काश मै बीते हुए दिनों में फिर से चला जाता
आज भी रोज़ की तरह समय का पहिया चला जा रहा है
लेकिन आज वो पास नहीं हैं जिन्हें दिल बुला रहा है
यह कुछ पंक्तियाँ हैं उन सभी लोगों के लिए जो अपने माँ और पा से दूर हैं, जैसे आज मै दूर हूँ

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